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कलेक्टर की कार्रवाई,सियासत गर्म हुई

कलेक्टर की कार्रवाई के मायने क्या ?
सियासत गर्म हुई


हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं ।नियम के विरुद्ध और लापरवाही के विरुद्ध उनकी कलम सख्ती से चल रही है।
पिछले 3 महीने का रिकॉर्ड देखें तो एक से एक बड़ी कार्रवाई हुई है। पिछले 2 दिन की करवाई का जिक्र करना चाहूंगा ।गुरुवार के दिन उन्होंने लोक सेवा केंद्र संचालक के विरुद्ध जुर्माना की कार्रवाई की ।विषय था- लोक सेवा केंद्र में 250 से अधिक आवेदन, जाति प्रमाण पत्र बनाने के लंबित पड़े हुए थे जिनका निपटारा लोक सेवा केंद्र के द्वारा नहीं किया जा रहा था । तब उसके विरुद्ध ढाई लाख रुपए का जुर्माना कर दिया और सख्त हिदायत भी दे दी कि अगर इसी तरह लापरवाही बरती गई तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा ।यह कार्रवाई जनहित में ही रही है ।

लेकिन शुक्रवार के दिन उन्होंने फिर एक सख्त और बड़ी कार्रवाई की, अवैध उत्खनन के विरुद्ध ।
कलेक्टर के निर्देशन पर खनिज विभाग ने 28 करोड रुपए का जुर्माना राहुल पिता प्रहलाद पटेल और राजेश पिता रामनारायण के विरुद्ध प्रस्तावित कर दिया ।आज अखबारों ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है ।उसमें सारी जानकारी है ।

शुक्रवार को की गई कार्रवाई ने सियासत को गर्म कर दिया है । मैं सोच रहा था कि मेरे लिखने और ना लिखने से क्या फर्क पड़ेगा क्योंकि अखबारों में खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई है और सोशल मीडिया पर भी शनिवार को ही वायरल हो गई।
लेकिन की गई कार्रवाई से सियासत का पारा चढ़ा हुआ है।

कलेक्टर के निर्देश पर जो कार्रवाई हुई है उसमें राहुल पटेल पिता प्रहलाद पटेल के नाम से क्रेशर खदान में अवैध उत्खनन के मामले में कार्रवाई की है 18 करोड रुपए का जुर्माना लगा दिया। चूंकि प्रहलाद पटेल भाजपा से जुड़े नेता हैं इसलिए कार्रवाई की चर्चा है ।यह कार्रवाई प्रहलाद पटेल पर नहीं है अप्रत्यक्ष रूप से कहीं ना कहीं पूर्व मंत्री श्री कमल जी पटेल को भी प्रभावित करती नजर आ रही है।
इसके पहले कलेक्टर ने रेत के अवैध भंडारण के मामले में अब गांव खुर्द के पास डूडीबिल्डकॉन पर भी कार्रवाई कर दी थी। वह कार्रवाई भी अप्रत्यक्ष रूप से कमल जी पटेल को ही प्रभावित करती नजर आई ।

पिछले 3 महीने में इसी तरह की कार्रवाई कलेक्टर और एसपी के द्वारा लगातार की जा रही है।
विषय यह है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है और सरकार के प्रतिनिधि कलेक्टर और एसपी हैं, फिर भी कलेक्टर और एसपी लगातार चुन-चुन कर कार्रवाई कर रहे हैं ।इसके मायने क्या निकल जाए ?

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार क्या हरदा जिले में भाजपा के नेताओं का संरक्षण नहीं कर पा रही है ? या फिर कार्रवाई करने के लिए खुली छूट दे दी गई है ।
यह बात इसलिए उठा रहे हैं की राजनीति स्तर पर पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल को आज भी कमजोर नहीं माने जाते है। पिछला समय हम सब ने देखा है।
जो कलेक्टर और एसपी पूर्व के थे, वे कमल जी पटेल के एक इशारे पर सर्किट हाउस पहुंचते थे और सामान्य कार्यकर्ता, नेता, और जनता के काम, सर्किट हाउस में बैठकर करा देते थे। फिर अवैध उत्खनन का मसला हो, या रेत खनन का,या फिर डंपर की पकड़ा-धकड़ी हो। सबका निपटारा होता था।

लेकिन इसी पद पर जब कलेक्टर के रूप में आदित्य सिंह और एसपी के रूप में अभिनव चौकसे आ गए तब स्थिति बिलकुल उलट हो गई है ।
अब अन्य लोगों के काम तो दूर की बात है श्री कमल जी पटेल के बहुत करीब लोगों के विरुद्ध भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
कहीं ना कहीं पूर्व मंत्री की छवि इससे कमजोर हो रही है। इसलिए सवाल तो उठाता है की मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार चाहती क्या होगी ?

पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर ने पत्रकारों के समक्ष कहा कहा था कि हमें तो यह पता नहीं है की डूडी बिल्डकॉन रेतभंडारण किसका है! हमने तो जो अवैध देखा उस पर कार्रवाई कर दी ।
तब सभी को पत्रकारों को बड़ा आश्चर्य हुआ ।अब, जब प्रहलाद पटेल के क्रेशर के विरुद्ध कार्रवाई हुई है तो कलेक्टर शायद इस बार भी कहेंगे कि हमें पता नहीं की क्रेशर किसकी थी ।मौके पर हमको जो दिखा उसके विरुद्ध हमने कार्रवाई की।
यह एक सामान्य बात हो सकती है लेकिन हजम नहीं होती ।
पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर ने पत्रकारों से चर्चा और सवालों के दौरान यह भी कहा था कि हमको हरदा मे 6 महीने हो गए है। सिर्फ नौकरी करने आए हैं ।आगे अधिक नहीं बोला, लेकिन इशारा था की जितना समय बिताना था, बिता चुके हैं ।आगे की चिंता नहीं करते।

एक बात और देखने में आ रही है की कुछ भाजपा के नेता भी कलेक्टर के समर्थन में खुलेआम बोल रहे हैं। कहते कि कलेक्टर की कार्रवाई बेहतरीन हो रही है ।
भाजपा के कुछ नेता कलेक्टर के समर्थन में बैठे हुए हैं ।इसका मतलब तो यही हुआ कि हरदा भाजपा की राजनीति में भी सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है । जो नेता कलेक्टर के पक्ष में बोल रहे हैं वे यहीं पर यह बात नहीं बोलते होंगे, बल्कि प्रदेश भाजपा कार्यालय तक यह बात पहुंच रही होगी।
अगर इस तरह का माहौल है तो तरह-तरह के विचार और सवाल उठना लाजिमी है ।

रामविलास कैरवार
पत्रकार ,नई दुनिया, हरदा

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