डिंडौरी :- अवैध उत्खनन जारी,नदियों पर अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है
आखिर रेत कारोबारी पर क्यों मेहरबान है प्रशासनिक अमला
–आखिर रेत कारोबारी पर क्यों मेहरबान है प्रशासनिक अमल.अनुबंध कि शर्तों से परे बीच मझधार बेखौफ हो रहा अवैध खनन
https://youtu.be/qN9X6r2W23I?si=yHX3BqvLnyKLa-GB
अमित सेन डिंडोरी:- जिले मे रेत कारोबारी कि मनमानी और प्रशासनिक अमले कि खामोशी से पवित्र नर्मदा कि सहायक नदी बुढ़नेर के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है.क्यों

दरअसल बीते छः – सात वर्षों से जिले मे चार रेत खदाने स्वीकृत कि गई थी. जिनमे से तीन खदाने अमरपुर विकासखंड अंतर्गत बुढ़नेर नदी मे स्वीकृत है इन बीते वर्षों मे ना तो ठेकेदारों ने अनुबंध कि शर्तों का पालन किया और ना ही प्रशासनिक अमले ने कभी कोशिश की, कि खदान क्षेत्र मे नियम निर्देशों का पालन हो भी रहा है अथवा नहीं. नतीजतन रेत कारोबारियों ने इसका जमकर फायदा उठाया और बुढ़नेर मे बीच मझदार पोकलेन और जे सी बी मशीनो के माध्यम से मिट्टी और बोल्डर का भराव कर लम्बे – लम्बे रेम्प तैयार कर दिए गये जिन पर भारी वाहन डंपर और अन्य वाहनों कि आवाजाही चौबीसों घंटे बनी रहीऔर जब बारिश आई तो यही सारा मलबा बहकर नर्मदा नदी मे समाहित हो गया.
प्रशासनिक नजरअंदाजगी का आलम यह कि एक बार फिर रेत कारोबारी अनुबंध कि शर्तों से परे बुढ़नेर नदी का सीना छलनी करने पर आमादा है। सोशल मीडिया के माध्यम से शासन – प्रशासन कों जगाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन नतीजे अब सामने नहीं आये . और इसी बात का फायदा रेत कारोबारी ने जमकर सीमा क्षेत्र के बाहर जाकर मशीनो के माध्यम से उत्तखनन किया जा रहा है।
हाँथ पर हाँथ धरे बैठा खनिज विभाग खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक को सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से जानकारी दी, लेकिन खनिज विभाग के इन जिम्मेदारों नेरेत कारोबारी से साँठगाँठ के चलते कोई कार्यवाही नहीं कि और रेत कारोबारी को जमकर फायदा पहुँचाया।



